जय जय श्याम दयाल कृपाला। भक्तों के तुम हो रखवाला॥
खाटू धाम विराजत प्यारे। हारे के तुम एक सहारे॥
मोर मुकुट सुंदर सिर सोहे। दर्शन करते दुख सब खोए॥
शीश दान की अमर कहानी। जग में गूंजे महिमा ज्ञानी॥
बर्बरीक तुम वीर महान। धर्म हेतु किया बलिदान॥
तीन बाण की शक्ति निराली। सब पर कृपा करो रखवाली॥
कृष्ण कृपा से नाम मिला। कलयुग में श्याम धाम खिला॥
जो भी सच्चे मन से ध्यावे। बाबा श्याम कृपा बरसावे॥
दीन दुखी के तुम हितकारी। संकट हरते श्याम मुरारी॥
भक्त पुकारे प्रेम लगाकर। दौड़े आते श्याम सहाकर॥
जय श्री श्याम नाम सुखदाई। मन की चिंता दूर भगाई॥
खाटू नगरी पावन धामा। हर पल गूंजे श्याम का नामा॥
आरती, भजन और गुणगान। देते भक्तों को सम्मान॥
मन में श्रद्धा दीप जलाओ। श्याम नाम का जाप सुनाओ॥
रोग, शोक और भय मिट जाते। जब श्याम चरण मन लग जाते॥
निर्धन को तुम आस दिलाते। दुखियों को विश्वास दिलाते॥
भक्तों की तुम लाज बचाते। बिगड़े काम सभी बनाते॥
एकादशी का दिन सुखकारी। श्याम भक्ति सब दुख हारी॥
फाल्गुन मेले में जयकारा। गूंजे श्याम हमारा प्यारा॥
श्याम ध्वजा जब भक्त चढ़ाते। मन के भाव तुम्हें सुनाते॥
सच्चे मन से जो भी आए। श्याम कृपा वह जीवन पाए॥
नाम तुम्हारा शक्ति देता। मन का अंधकार हर लेता॥
माँग न धन की, माँग न माया। बस चरणों में प्रेम समाया॥
जो भी गाए श्याम चालीसा। मिटे दुखों की गहरी पीड़ा॥
घर में सुख और शांति आए। श्याम कृपा से दीप जलाए॥
भक्तों के तुम सच्चे साथी। दूर करो हर मन की व्यथा ही॥
हारे का सहारा कहलाते। सबको आशा नई दिलाते॥
करुणा सागर श्याम हमारे। जीवन नैया पार उतारे॥
तेरे दर पर शीश नवाएं। प्रेम भरे गुणगान सुनाएं॥
जय हो बाबा खाटू वाले। भक्तों के रखवाले प्यारे॥
जो नित श्याम नाम को गावे। जीवन में आनंद ही पावे॥
तेरी महिमा अपरंपारा। तू ही भक्तों का रखवारा॥
संकट में जो नाम पुकारे। श्याम बाबा दौड़े पधारे॥
दर्शन कर मन शांत हो जाए। हर चिंता फिर दूर हो जाए॥
श्याम चरण में शीश झुकाएं। प्रेम भक्ति का दीप जलाएं॥
तेरी कृपा से राह बनेगी। जीवन में खुशहाली खिलेगी॥
भक्ति भाव जो मन में लाए। बाबा श्याम उसे अपनाए॥
जय जय श्याम दयाल कृपाला। भक्तों के तुम हो रखवाला॥
खाटू धाम विराजत प्यारे। हारे के तुम एक सहारे॥
जय श्री श्याम, जय जय श्याम। हर भक्त के हृदय में धाम॥