खाटू श्याम जी चालीसा
पूर्ण श्री खाटू श्याम चालीसा — नियमित पाठ से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं
श्री खाटू श्याम चालीसा
॥ दोहा ॥
श्याम बाबा की महिमा, अब मैं गाने जाय॥
खाटू नरेश की जय करूं, लेकर तेरा नाम॥
॥ चालीसा ॥
जय जय जय श्री श्याम खाटू के, बाबा दीन दयालू।
भक्तों के दुख हरने वाले, कृपा करो मतवाले॥ १॥
भीम के पोते घटोत्कच सुत, तुम हो वीर महान।
बर्बरीक नाम था पहले, अब श्याम पहचान॥ २॥
माता मोरवी की संतान हो, शिव भक्त महान।
तीन बाण के धारी हो तुम, जग में अमर नाम॥ ३॥
कृष्ण ने शीश लिया तेरा, दे वरदान अपार।
कलयुग में श्याम कहाएगा, होगा बेड़ा पार॥ ४॥
खाटू गाँव में विराजे हो, शीश रूप में आज।
लाखों भक्त झुकाएं माथा, राजा तुम सरताज॥ ५॥
सोने का मुकुट सजा है शीश पर, फूलों की माला गले।
चंदन की सुगंध फैली है, भक्त दर्शन को चले॥ ६॥
मंगल आरती और श्रृंगार आरती की परंपरा भक्तों में लोकप्रिय है। समय में बदलाव हो सकता है, अतः यात्रा से पहले आधिकारिक जानकारी से सत्यापन करें।
दर्शन करके मन हर्षाता, पाप सभी धुल जाते।
खाटू धाम के दर्शन से, भक्त धन्य हो जाते॥ ८॥
हारे हुए की बात सुनते, देते सहारा साथ।
जो भी सच्चे मन से आए, बाबा थामें हाथ॥ ९॥
धन हो या हो निर्धन कोई, सबका समान दरबार।
बाबा श्याम के द्वार आकर, होता बेड़ा पार॥ १०॥
जो चालीसा नित्य पढ़े, ध्यान लगाए मन।
श्याम बाबा की कृपा से, आनंदित हो तन-मन॥ ३९॥
चालीस चौपाई गाकर, श्याम को मन से ध्याएं।
खाटू नरेश की कृपा से, सब मनोकामना पाएं॥ ४०॥
॥ दोहा ॥
चालीसा पाठ करे जो नित्य, बाबा का प्यारा॥
चालीसा पाठ का महत्व
खाटू श्याम जी की चालीसा का नियमित पाठ करने से मन में शांति, विश्वास और सकारात्मक शक्ति का संचार होता है।
पाठ का समय
प्रातःकाल स्नान के बाद, शुद्ध मन से करें।
संख्या
नियमित एक बार या विशेष मनोकामना पर 40 बार पाठ करें।
विधि
श्याम बाबा का चित्र सामने रखें, दीपक जलाएं, फिर पाठ शुरू करें।